Sunday, 9 January 2022

DR.N.N.KANNAPPAN. MADURAI

FROM DR.N.N.KANNAPPAN. MADURAI. 

*डॉक्टर एन. एन. कन्नपन.मदुरै से*

Important Message for all

*सभी के लिए महत्वपूर्ण मेसेज।*

The hot water you  
drink is good for your throat. 
*गर्म पानी जो आप पीते हैं वह आपके गले के लिए अच्छा है।*
But this Corona virus is hidden behind the Paranasal sinus of your nose for 3 to 4 days. 
*लेकिन यह कोरोना वायरस आपकी नाक के परानासल साइनस के पीछे 3 से 4 दिनों तक छिपा रहता है।*
The hot water we 
drink does not reach there. 
*गर्म पानी जो हम पीते हैं वहां तक नहीं पहुंचता है।*
After 4 to 5 days  this virus that was hidden behind the  
paranasal sinus reaches your lungs.
*4 से 5 दिनों के बाद यह वायरस जो परानासल साइनस के पीछे छिपा हुआ था आपके फेफड़ों तक पहुंचता है।*
Then you have trouble breathing.
*तब आपको सांस लेने में परेशानी होगी।*
That's why it is very important to take steam, 
*इसलिए भाप लेना बहुत जरूरी है।*
Which reaches the back of your Paranasal sinus.
*जो आपके परानासल साइनस के पीछे पहुंचता है।*
You have to kill this virus in the nose with steam.
*आपको इस वायरस को भाप से नाक में मारना है।*
At 50°C, this virus becomes disabled i.e. paralyzed. 
*50° C पर, यह वायरस निष्क्रिय हो जाता है यानी लकवाग्रस्त हो जाता है।*
At 60°C this virus becomes so weak that any human immunity system can fight against it.
*60°C पर यह वायरस इतना कमजोर हो जाता है कि कोई भी मानव प्रतिरक्षा सिस्टम इसके खिलाफ लड़ सकता है।*
At 70°C this virus dies completely.
*70 ° C पर यह वायरस पूरी तरह से मर जाता है।*
This is what steam does. 
*यही है जो भाप करता है।*
The entire Public Health Department knows this.
*पूरा जनता स्वास्थ्य विभाग यह जानता है।*
But everyone wants to take    advantage of this Pandemic. 
*लेकिन हर कोई इस महामारी का लाभ  लेना चाहता है।*
So they don't share this information openly.
*इसलिए वे इस जानकारी को खुले तौर पर साझा नहीं करते हैं।*
One who stays at home should take steam once a day. 
*जो घर पर रहता है उसे दिन में एक बार भाप लेनी चाहिए।*
If you go to the market to buy Groceries vegetables etc. take it twice a day.
*अगर आप किराने का सामान, सब्जियां आदि खरीदने के लिए बाजार जाते हैं तो इसे दिन में दो बार लें।*
Anyone who meets some people or goes to office should take steam 3 times a day.  
*जो लोग किसी से मिलते हैं या कार्यालय जाते हैं उन्हें दिन में 3 बार भाप लेनी चाहिए।* 
                   
 Steam week

*भाप लेने का हफ्ता।*
According to doctors, 
Covid -19 can be killed by inhaling steam from the nose and mouth, eliminating the Coronavirus.  
*डॉक्टरों के अनुसार, कोविड -19 भाप लेने के द्वारा नाक और मुंह से मारा जा सकता है, कोरोनावायरस को खत्म किया जा सकता है।*
If all the people started a steam drive campaign for a week, 
*अगर सभी लोग एक सप्ताह के लिए स्टीम ड्राइव अभियान शुरू किया।*
the pandemic will soon end. 
*जल्द ही महामारी खत्म हो जाएगी।*
So here is a suggestion: 
*तो यहाँ एक सुझाव है:-*
Start the process for a week from morning and evening, for just 5 minutes  each time, to inhale steam.  
*एक सप्ताह के लिए प्रक्रिया शुरू करें सुबह और शाम, सिर्फ 5 मिनट के लिए हर बार, भाप सांस लें।*
If we all adopt this practice for a week  the deadly 
*यदि हम सभी एक सप्ताह के लिए इस अभ्यास को अपनाते हैं।*
Covid-19 will be erased.
*तो घातक कॉविड–19 साफ हो जाएगी।*
This practice has no side effects & doesn't cost anything either.
*इस अभ्यास का कोई साइड इफेक्ट नहीं है और इसमें कुछ भी खर्च नहीं होता है।*
So please send this message to all your Loved Ones, relatives, friends and neighbours, 
*इसलिए कृपया इस संदेश को अपने सभी प्रियजनों को भेजें लोगों, रिश्तेदारों, दोस्तों और पड़ोसियों, सब को भेजे।*
So that we all can kill this Corona virus together and live and walk freely in this beautiful world.
*ताकि हम सभी एक साथ इस कोरोना वायरस को मार सकें और इस खूबसूरत दुनिया में स्वतंत्र रूप से जी और चल सके।..........*

👍👍👍👍👍👍👍

Sunday, 2 January 2022

जय श्री राम

■ जब रावण ने जटायु के दोनों पंख काट डाले... तो काल आया !!

और जैसे ही काल आया तो गिद्धराज जटायु ने मौत को ललकार कहा "खबरदार ! ऐ मृत्यु ! आगे बढ़ने की कोशिश मत करना...मैं मृत्यु को स्वीकार तो करूँगा... लेकिन तू मुझे तब तक नहीं छू सकती...जब तक मैं सीता जी की सुधि प्रभु "श्रीराम" को नहीं सुना देता...!

मौत उन्हें छू नहीं पा रही है...काँप रही है खड़ी हो कर...मौत तब तक खड़ी रही, काँपती रही... यही इच्छा मृत्यु का वरदान जटायु को मिला।

किन्तु महाभारत के भीष्म पितामह छह महीने तक बाणों की शय्या पर लेट करके मौत का इंतजार करते रहे...आँखों में आँसू हैं...रो रहे हैं...भगवान मन ही मन मुस्कुरा रहे हैं...!

कितना अलौकिक है यह दृश्य...रामायण मे जटायु भगवान की गोद रूपी शय्या पर लेटे हैं...! प्रभु "श्रीराम" रो रहे हैं और जटायु हँस रहे हैं...!!

वहाँ महाभारत में भीष्म पितामह रो रहे हैं और भगवान "श्रीकृष्ण" हँस रहे हैं...भिन्नता प्रतीत हो रही है कि नहीं...? 

अंत समय में जटायु को प्रभु "श्रीराम" की गोद की शय्या मिली...!

लेकिन भीष्म पितामह को मरते समय बाण की शय्या मिली....!

जटायु अपने कर्म के बल पर अंत समय में भगवान की गोद रूपी शय्या में प्राण त्याग रहे है....प्रभु "श्रीराम" की शरण में....और बाणों पर लेटे लेटे भीष्म पितामह रो रहे हैं.... !

ऐसा अंतर क्यों...?

ऐसा अंतर इसलिए है कि भरे दरबार में भीष्म पितामह ने द्रौपदी की इज्जत को लुटते हुए देखा था...विरोध नहीं कर पाये थे...!

दुःशासन को ललकार देते...दुर्योधन को ललकार देते...लेकिन द्रौपदी रोती रही...बिलखती रही...चीखती रही...चिल्लाती रही... लेकिन भीष्म पितामह सिर झुकाये बैठे रहे...नारी की रक्षा नहीं कर पाये...!

उसका परिणाम यह निकला कि इच्छा मृत्यु का वरदान पाने पर भी बाणों की शय्या मिली !!

और....जटायु ने नारी का सम्मान किया...अपने प्राणों की आहुति दे दी...तो मरते समय भगवान "श्रीराम" की गोद की शय्या मिली...!

जो दूसरों के साथ गलत होते देखकर भी आंखें मूंद लेते हैं उनकी गति भीष्म जैसी होती है...और जो अपना परिणाम जानते हुए भी...औरों के लिए संघर्ष करते है, उसका माहात्म्य जटायु जैसा कीर्तिवान होता है...!!

🌹 जय श्री राम 🙏

Friday, 31 December 2021

एक अद्भुत जानकारी

एक अद्भुत जानकारी

नेहरू को सिर्फ पहिया मिला था नेहरू ने मेहनत से उसे स्कूटर बनाया" कांग्रेसी और वामपंथी इतिहासकारों ने एक साजिश के तहत ये झूठ फैलाया है कि जवाहरलाल नेहरु आधुनिक भारत के निर्माता हैं।

जबकि सच्चाई ये है कि अंग्रेजों ने नेहरू को एक तेज रफ्तार में चलती गाड़ी का स्टीयरिंग थमाया था।

भारत में पहला छोटा हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट अंग्रेजो ने दार्जिलिंग में 1897 में बनाया था, जो 130 किलोवाट का था, जिसका नाम सिद्रपोंग था और तीस्ता नदी पर बनाया गया था।

भारत में पहला बड़ा हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट मैसूर के राजा ने कोलार की खान से सोना निकालने के लिए कावेरी नदी पर शिवसमुद्रम फाल पर 1887 में बनाया जो 1902 में पूरा हुआ, ये 7.92 मेगावाट का था और 1938 तक इसकी क्षमता बढ़कर 47 मेगावाट हो गई थी।  इसका ठेका अमेरिका की जनरल इलेक्ट्रिक को दिया गया था। शिप से टरबाइन और अन्य साजो-सामान आये फिर उन्हें सैकड़ों हाथियों पर लादकर साईट तक ले जाया गया था। 

1940 में मैसूर दरबार ने शिम्सपुरा हाइड्रो पॉवर स्टेशन बनाया, जिसकी क्षमता 17.2 (2 X 8.6) मेगावाट थी और इसको भी कावेरी नदी पर बनाया गया था। 

आजादी तक भारत में कुल 300 छोटे बड़े पॉवर प्रोजेक्ट कार्यरत थे, जिसमें कई कोयला आधारित थर्मल प्रोजेक्ट भी थे। 

दोराबजी टाटा ने 1910 में ही टाटा पावर नामक कम्पनी बनाई थी और पश्चिमी घाट पर तीन बड़े हाइड्रो स्टेशन बनाये।

दोराबजी ने टाटा पॉवर द्वारा 1915 में महाराष्ट्र के खोपोली में 40 मेगावाट का विशाल पावर प्रोजेक्ट बनाया। 

इसके बाद 1922-25 में भिवपुरी में 48 मेगावाट और 1927 में भीरा में 90 मेगावाट का प्रोजेक्ट हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट लगाया। 
टाटा पावर 1947 तक भारत में 23 बड़े पॉवर प्रोजेक्ट बना चुकी थी और बम्बई, दिल्ली और कोलकाता में इलेक्ट्रिक डिस्ट्रीब्यूशन नेट्वर्क बना चुकी थी।

भारत के हैदराबाद, बीकानेर, जोधपुर, बडौदा, ग्वालियर सहित तमाम रियासतों ने अपने राज्यों में कई पॉवर प्रोजेक्ट बनवाये थे। 

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि 1947 तक चीन भारत से पॉवर, रेल, सडक तथा सेना आदि तमाम क्षमताओं में काफी पीछे था। 

अंग्रेजो ने नेहरू को चाय और काफी के विशाल बगान बनाकर दिए थे। उन बागानों तक जो काफी दुर्गम पहाड़ों पर थे, वहां अंग्रेजों ने सिंचाई, रेल, सड़क आदि इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित किये थे। 

अंग्रेजों ने नेहरू को बीस विशाल बंदरगाह और 23 एयरपोर्ट बनाकर दिए थे। 

भारत के हर इलाके में आधुनिक यूनिवर्सिटी और कॉलेज खोले। मद्रास, दिल्ली, मुंबई, कराची में सेंट स्टीफन कॉलेज, सियालकोट में मरे कॉलेज, अजमेर में मेयो कॉलेज सहित पूरे भारत में 350 कॉलेज और 23 यूनिवर्सिटी अंग्रेजों ने नेहरू को दी थी।

• सेरामपोर कॉलेज, हावड़ा - 1818
कैरे, मार्शमैन और वॉर्ड ने स्थापित किया

• आईआईटी रूड़की- 1847
• अंग्रेजों के साशनकाल में पहला इंजीनियरिंग कॉलेज था

• मुंबई यूनिवर्सिटी- 1857
• मद्रास यूनिवर्सिटी- 1857
• कलकत्ता यूनिवर्सिटी- 1857.

• अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी - 1875.
- एंग्लो मुहम्मद ओरियंटल कॉलेज नाम था, जिसे सर सैयद अहमद खांन ने स्थापित किया था

• इलाहाबाद यूनिवर्सिटी -1887
- कलकत्ता, बॉम्बे और मद्रास के बाद चौथी यूनिवर्सिटी थी। इसकी स्थापना का श्रेय सर विलियम मूर को जाता है। 

• पंजाब विश्वविद्यालय – 1882 
• बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय -1916, यूनिवर्सिटी ऑफ मैसूर -1916, पटना यूनिवर्सिटी, नागपुर यूनिवर्सिटी, काशी विद्यापीठ सहित 49 बड़े विश्वविद्यालय थे। 1947 तक भारत शिक्षा संस्थानों में तीसरे नम्बर पर था।

अंग्रेजों ने नेहरू को विशाल सेना दी थी। 
ब्रिटिश इंडियन आर्मी 1895 में स्थापित हुई थी। 

अंग्रेज आठ कमांड बनाकर गये थे, जिसमें 2 पाकिस्तान में चले गये। 

ब्रिटिश इंडियन आर्मी प्रथम और द्वितीय विश्वयुद्ध में बहादुरी से लड़ी थी। 

अंग्रजों ने नेहरू को 45 सैनिक छावनियां और विशाल रॉयल एयरफोर्स दी थी। 

भारत विश्व में तीसरा देश था जिसने वायुसेना बनाई। 

यानी चीन के पहले ही अंग्रेजों ने भारत को विशाल और आधुनिक वायुसेना बनाकर दी थी।

-भारत का विशाल रेल नेटवर्क नेहरू का नहीं बल्कि अंग्रेजों की देन है।
-आज देश में जितना भी रेलवे नेटवर्क है, उसका 67% वर्ष 1947 तक बन चुका था। 
-भारत का ये विशाल रेल नेटवर्क नेहरू का नहीं बल्कि अंग्रेजों की देन है। 
-उन्होंने विशाल नदियों पर पुल बनाये, दुर्गम पहाड़ों को काटकर रेल लाइन बनाई। 
-भारत विश्व में चौथा देश और एशिया का पहला देश है जहां रेल चली। 
-भारत में 1853 में रेल चली, जबकि इसके 30 साल बाद चीन में रेल चली।

(The first railroad to operate commercially in China opened in Shanghai in July 1876. The railway, known as the Woosung Road, ran from the American Concession in the present-day Zhabei District to Woosung in the present-day Baoshan District and was built by the British trading firm, Jardine, Matheson and Co)

भारत में पहली लिफ्ट ओटिस कम्पनी ने 1890 में मैसूर पैलेस में लगाई थी। 

भारत में विशाल चाय बागान और सागौन की लकड़ी के बागान लगाने वाली कम्पनी पारसी वाडिया खानदान की थी, जिसका नाम था बाम्बे बर्मा ट्रेडिंग कम्पनी लिमिटेड है, ये कम्पनी 1863 में बनी थी और एशिया की बड़ी कम्पनी थी।

1865: ALLAHABAD BANK
1892: BRITANNIA INDUSTRIES LTD
1895: PUNJAB NATIONAL BANK
1897: CENTURY TEXTILES AND INDUSTRIES LTD
1897: GODREJ AND BOYCE MANUFACTURING CO. LTD
1899: CALCUTTA ELECTRICITY SUPPLY CORPORATION
1902: SHALIMAR PAINT COLOUR AND VARNISH CO.
1903: INDIAN HOTELS CO. LTD
1908: BANK OF BARODA
1911: TVS
1904: KUMBAKONAM BANK LTD
1905: PHOENIX MILLS LTD
1906: CANARA BANKING CORP. (UDIPI) LTD
1906: BANK OF INDIA
1907: ALEMBIC PHARMACEUTICALS LTD
1907: TATA STEEL LTD सहित चार सौ से ज्यादा बड़ी कम्पनियां 1947 में पहले बन चुकी थीं और 80 से ज्यादा बैंक थे।

यानी चाहे शिक्षा हो या बैंकिंग या इन्फ्रास्ट्रक्चर या रेलवे या ऊर्जा हो, 1947 तक भारत हर फील्ड में टॉप पर था। 
फिर भी कांग्रेसी कहते हैं कि नेहरू आधुनिक भारत के निर्माता हैं। 

"कांग्रेसी इस तरह से प्रचारित करते हैं जैसे कि 1947 तक भारत एकदम पिछड़ा था। 
कोई स्कूल तक नहीं था। 

लोग लालटेन युग में जीते थे फिर नेहरू आये और मात्र 10-12 सालों में भारत को आधुनिक बना दिया"...,

झूठ के महासागर से बाहर निकलो और सत्य को स्वीकार करो।

Sunday, 11 October 2020

सारागढ़ी के रणबाँकुरे

सारागढ़ी के रणबाँकुरे जब 21 भारतीय जवानो ने 10 हजार अफगानों को रोक लिया / 12 सितम्बर, 1897

यह विश्व के सैनिक इतिहास की एक अनुपम गाथा है. भारतीय जवानों के शौर्य और पराक्रम का अनुपम उदाहरण है. मात्र 21 सिख सैनिको ने दस हजार अफगानों से जमकर मोर्चा लिया और अपने से कई गुना अधिक दुश्मनों को एक इंच भी आगे नहीं बढ़ने दिया.

यह घटना 12 सितम्बर 1897 की है. अंग्रेजो और अफगानों के बीच 1839 से 1919 के बीच 80 सालों मे तीन बड़ी लड़ाईयां हुई. 1897-98 के युद्ध में सिख रेजिमेंट अग्रिम मोर्चे पर थी. इस रेजिमेंट की चौथी बटालियन के 21 जवान सारागढ़ी की सैनिक चौकी पर तैनात थे. इनका नायक था हवलदार ईशर सिंह. इस टुकड़ी को हर हालत में चौकी की रक्षा करने का आदेश मिला था.

12 सितम्बर 1897 के दिन भोर में दस हजार अफगानों ने इस चौकी पर हमला बोल दिया. चौथी बटालियन के जवानो ने भी चौकी के चारो कोनों पर मोर्चा जमा लिया. टुकड़ी के साथ रसोईया भी था उसने भी बंदूक संभाली और मोर्चे पर डट गया. एक ओर दस हजार अफगान लड़ाके और दूसरी ओर 21सिख सैनिक. एक खालसे का मुकाबले में पांचसौ अफगान थे.

सारागढ़ी में बंदुको से गोलिओं की दना-दन बौछार होने लगी. 21 भारतीय वीर हर गोली का जवाब दे रहे थे. सूरज आसमान में चढ़ने लगा. चौकी के जवान एक-एक कर वीरगति को प्राप्त होने लगे. सूरज ढलने के साथ सिख टुकड़ी के सारे सैनिक शहीद हो गए. उसी समय अतिरिक्त भारतीय फौज वहां पहुँच गयी उनकी तोपों की मार से अफगान सेना गाजर-मूली की तरह साफ होने लगी. दुश्मन भागने लगे और भागते ही गये.

सरगढ़ी अविजित ही रहा. इस प्रेरणादायी लड़ाई की याद में भारतीय सेना की सिख रेजिमेंट हर साल 12 सितम्बर को ‘ सारागढ़ी ‘ के रूप में मानती है. उन बहादुरों की याद में एक कविता ‘ खालसा बहादुर’  लिखी गई. वीरगति को प्राप्त हुए सभी जवान फिरोजपुर और अमृतसर जिलों के थे. इसलिये इन वीरो कीं याद में दो गुरूद्वारे इन दोनों जिलो में बनायें गये. एक सरगढ़ी गुरुद्वारा अमृतसर स्वर्ण मंदिर के पास हैऔर दूसरा फिरोजपुर सैनिक छावनी में हैं.

Thursday, 1 October 2020

भगवान विष्णु और केवट की कहानी

क्षीरसागर में भगवान विष्णु शेष शैया पर विश्राम कर रहे हैं और लक्ष्मी जी उनके पैर दबा रही हैं। विष्णु जी के एक पैर का अंगूठा शैया के बाहर आ गया और लहरें उससे खिलवाड़ करने लगीं। 
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क्षीरसागर के एक कछुवे ने इस दृश्य को देखा और मन में यह विचार कर कि मैं यदि भगवान विष्णु के अंगूठे को अपनी जिव्ह्या से स्पर्श कर लूँ तो मेरा मोक्ष हो जायेगा उनकी ओर बढ़ा। 
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उसे भगवान विष्णु की ओर आते हुये शेषनाग जी ने देख लिया और कछुवे को भगाने के लिये जोर से फुँफकारा। फुँफकार सुन कर कछुवा भाग कर छुप गया। 
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कुछ समय पश्चात् जब शेष जी का ध्यान हट गया तो उसने पुनः प्रयास किया। इस बार लक्ष्मी देवी की दृष्टि उस पर पड़ गई और उन्होंने उसे भगा दिया। 
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इस प्रकार उस कछुवे ने अनेकों प्रयास किये पर शेष जी और लक्ष्मी माता के कारण उसे कभी सफलता नहीं मिली। यहाँ तक कि सृष्टि की रचना हो गई और सत्युग बीत जाने के बाद त्रेता युग आ गया। 
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इस मध्य उस कछुवे ने अनेक बार अनेक योनियों में जन्म लिया और प्रत्येक जन्म में भगवान की प्राप्ति का प्रयत्न करता रहा। अपने तपोबल से उसने दिव्य दृष्टि को प्राप्त कर लिया था। 
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कछुवे को पता था कि त्रेता युग में वही क्षीरसागर में शयन करने वाले विष्णु राम का, वही शेष जी लक्ष्मण का और वही लक्ष्मी देवी सीता के रूप में अवतरित होंगे तथा वनवास के समय उन्हें गंगा पार उतरने की आवश्यकता पड़ेगी। इसीलिये वह भी केंवट बन कर वहाँ आ गया था।
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एक युग से भी अधिक काल तक तपस्या करने के कारण उसने प्रभु के सारे मर्म जान लिये थे, इसीलिये उसने राम से कहा था कि मैं आपका मर्म जानता हूँ। 
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संत श्री तुलसी दास जी भी इस तथ्य को जानते थे, इसलिये अपनी चौपाई में केंवट के मुख से कहलवाया है कि 
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“कहहि तुम्हार मरमु मैं जाना”।
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केवल इतना ही नहीं, इस बार केंवट इस अवसर को किसी भी प्रकार हाथ से जाने नहीं देना चाहता था। उसे याद था कि शेषनाग क्रोध कर के फुँफकारते थे और मैं डर जाता था। 
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अबकी बार वे लक्ष्मण के रूप में मुझ पर अपना बाण भी चला सकते हैं, पर इस बार उसने अपने भय को त्याग दिया था, लक्ष्मण के तीर से मर जाना उसे स्वीकार था, पर इस अवसर को खो देना नहीं। 
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इसीलिये विद्वान संत श्री तुलसी दास जी ने लिखा है -
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( हे नाथ ! मैं चरणकमल धोकर आप लोगों को नाव पर चढ़ा लूँगा; मैं आपसे उतराई भी नहीं चाहता। हे राम ! मुझे आपकी दुहाई और दशरथ जी की सौगंध है, मैं आपसे बिल्कुल सच कह रहा हूँ। भले ही लक्ष्मण जी मुझे तीर मार दें, पर जब तक मैं आपके पैरों को पखार नहीं लूँगा, तब तक हे तुलसीदास के नाथ ! हे कृपालु ! मैं पार नहीं उतारूँगा। )
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तुलसीदास जी आगे और लिखते हैं -
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केंवट के प्रेम से लपेटे हुये अटपटे वचन को सुन कर करुणा के धाम श्री रामचन्द्र जी जानकी जी और लक्ष्मण जी की ओर देख कर हँसे। जैसे वे उनसे पूछ रहे हैं कहो अब क्या करूँ, उस समय तो केवल अँगूठे को स्पर्श करना चाहता था और तुम लोग इसे भगा देते थे, पर अब तो यह दोनों पैर माँग रहा है।
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केंवट बहुत चतुर था। उसने अपने साथ ही साथ अपने परिवार और पितरों को भी मोक्ष प्रदान करवा दिया। तुलसी दास जी लिखते हैं -.

चरणों को धोकर पूरे परिवार सहित उस चरणामृत का पान करके उसी जल से पितरों का तर्पण करके अपने पितरों को भवसागर से पार कर फिर आनन्दपूर्वक प्रभु श्री रामचन्द्र को गंगा के पार ले गया।
उस समय का प्रसंग है ... जब केंवट भगवान् के चरण धो रहे हैं ।
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बड़ा प्यारा दृश्य है, भगवान् का एक पैर धोकर उसे निकलकर कठौती से बाहर रख देते हैं, और जब दूसरा धोने लगते हैं, 
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तो पहला वाला पैर गीला होने से जमीन पर रखने से धूल भरा हो जाता है,
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केंवट दूसरा पैर बाहर रखते हैं, फिर पहले वाले को धोते हैं, एक-एक पैर को सात-सात बार धोते हैं ।
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फिर ये सब देखकर कहते हैैं, प्रभु एक पैर कठौती में रखिये, दूसरा मेरे हाथ पर रखिये, ताकि मैला ना हो ।
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जब भगवान् ऐसा ही करते हैं । तो जरा सोचिये ... क्या स्थिति होगी , यदि एक पैर कठौती में है दूसरा केंवट के हाथों में, 
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भगवान् दोनों पैरों से खड़े नहीं हो पाते बोले - केंवट मैं गिर जाऊँगा ?
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केवट बोला - चिंता क्यों करते हो भगवन् !.
दोनों हाथों को मेरे सिर पर रख कर खड़े हो जाईये, फिर नहीं गिरेंगे ,
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जैसे कोई छोटा बच्चा है जब उसकी माँ उसे स्नान कराती है तो बच्चा माँ के सिर पर हाथ रखकर खड़ा हो जाता है, भगवान् भी आज वैसे ही खड़े है। 
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भगवान् केवट से बोले - भईया केंवट ! मेरे अंदर का अभिमान आज टूट गया...
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केंवट बोला - प्रभु ! क्या कह रहे हैं ?.
भगवान् बोले - सच कह रहा हूँ केंवट, अभी तक मेरे अंदर अभिमान था, कि .... मै भक्तों को गिरने से बचाता हूँ पर.. 
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आज पता चला कि, भक्त भी भगवान् को गिरने से बचाता है.

जय श्री हरि🚩🙏

Sunday, 19 July 2020

Wednesday, 29 April 2020

100 जानकारियां जिसका ज्ञान सबको होना चाहिए

*100 जानकारियां जिसका ज्ञान सबको होना चाहिए*

1. योग, भोग और रोग ये तीन अवस्थाएं है।
2. *लकवा* - सोडियम की कमी के कारण होता है।
3. *हाई बी पी में* - स्नान व सोने से पूर्व एक गिलास जल का सेवन करें तथा स्नान करते समय थोड़ा-सा नमक पानी मे डालकर स्नान करे ।
4. *लो बी पी* - सेंधा नमक डालकर पानी पीयें ।
5. *कूबड़ निकलना*- फास्फोरस की कमी ।
6. *कफ* - फास्फोरस की कमी से कफ बिगड़ता है, फास्फोरस की पूर्ति हेतु आर्सेनिक की उपस्थिति जरुरी है। गुड व शहद खाएं
7. *दमा, अस्थमा* - सल्फर की कमी।
8. *सिजेरियन आपरेशन* - आयरन, कैल्शियम की कमी ।
9. *सभी क्षारीय वस्तुएं दिन डूबने के बाद खायें* ।
10. *अम्लीय वस्तुएं व फल दिन डूबने से पहले खायें* ।
11. *जम्भाई*- शरीर में आक्सीजन की कमी।
12. *जुकाम* - जो प्रातःकाल जूस पीते हैं वो उस में काला नमक व अदरक डालकर पियें ।
13. *ताम्बे का पानी* - प्रातः खड़े होकर नंगे पाँव पानी ना पियें।
14. *किडनी* - भूलकर भी खड़े होकर गिलास का पानी ना पिये।
15. *गिलास* एक रेखीय होता है तथा इसका सर्फेस टेन्शन अधिक होता है। गिलास अंग्रेजो (पुर्तगाल) की सभ्यता से आयी है। अतः लोटे का पानी पियें, लोटे का कम सर्फेस टेन्शन होता है।
16. *अस्थमा, मधुमेह, कैंसर* से गहरे रंग की वनस्पतियाँ बचाती हैं ।
17. *वास्तु* के अनुसार जिस घर में जितना खुला स्थान होगा, उस घर के लोगों का दिमाग व हृदय भी उतना ही खुला होगा ।
18. *परम्परायें* वहीं विकसित होगीं जहाँ जलवायु के अनुसार व्यवस्थायें विकसित होगीं ।
19. *पथरी* - अर्जुन की छाल से पथरी की समस्यायें ना के बराबर हो जाती है।
20. *RO* का पानी कभी ना पियें। यह गुणवत्ता को स्थिर नहीं रखता। कुएँ का पानी पियें। बारिश का पानी सबसे अच्छा, पानी की सफाई के लिए *सहिजन* की फली सबसे बेहतर है।
21. *सोकर उठते समय* हमेशा दायीं करवट से उठें या जिधर का *स्वर* चल रहा हो उधर करवट लेकर उठें ।
22. *पेट के बल सोने से* हर्निया, प्रोस्टेट, एपेंडिक्स की समस्या आती है ।
23. *भोजन* के लिए पूर्व दिशा, *पढाई* के लिए उत्तर दिशा बेहतर है ।
24. *HDL* बढ़ने से मोटापा कम होगा LDL व VLDL कम होगा ।
25. *गैस की समस्या* होने पर भोजन में अजवाइन मिलाना शुरू कर दें ।
26. *चीनी* के अन्दर सल्फर होता है जो कि पटाखों में प्रयोग होता है , यह शरीर में जाने के बाद बाहर नहीं निकलता है। चीनी खाने से *पित्त* बढ़ता है ।
27. *शुक्रोज* हजम नहीं होता है *फ्रेक्टोज* हजम होता है और भगवान् की हर मीठी चीज में फ्रेक्टोज है ।
28. *वात* के असर में नींद कम आती है ।
29. *कफ* के प्रभाव में व्यक्ति प्रेम अधिक करता है।
30. *कफ* के असर में पढाई कम होती है ।
31. *पित्त* के असर में पढाई अधिक होती है ।
33. *आँखों के रोग* - कैट्रेक्टस, मोतियाबिन्द, ग्लूकोमा , आँखों का लाल होना आदि ज्यादातर रोग कफ के कारण होता है ।
34. *शाम को वात*-नाशक चीजें खानी चाहिए ।
35. *प्रातः 4 बजे जाग जाना चाहिए* ।
36. *सोते समय* रक्त दबाव सामान्य या सामान्य से कम होता है ।
37. *व्यायाम* - *वात रोगियों* के लिए मालिश के बाद व्यायाम , *पित्त वालों* को व्यायाम के बाद मालिश करनी चाहिए । *कफ के लोगों* को स्नान के बाद मालिश करनी चाहिए ।
38. *भारत की जलवायु* वात प्रकृति की है , दौड़ की बजाय सूर्य नमस्कार करना चाहिए ।
39. *जो माताएं* घरेलू कार्य करती हैं उनके लिए व्यायाम जरुरी नहीं ।
40. *निद्रा* से *पित्त* शांत होता है , मालिश से *वायु* शांति होती है , उल्टी से *कफ* शांत होता है तथा *उपवास* (लंघन) से बुखार शांत होता है ।
41. *भारी वस्तुयें* शरीर का रक्तदाब बढाती है , क्योंकि उनका गुरुत्व अधिक होता है ।
42. *दुनियां के महान* वैज्ञानिक का स्कूली शिक्षा का सफ़र अच्छा नहीं रहा, चाहे वह 8 वीं फेल न्यूटन हों या 9 वीं फेल आइस्टीन हों ,
43. *माँस खाने वालों* के शरीर से अम्ल-स्राव करने वाली ग्रंथियाँ प्रभावित होती हैं ।
44. *तेल हमेशा* गाढ़ा खाना चाहिएं, सिर्फ लकडी वाली घाणी का , दूध हमेशा पतला पीना चाहिए ।
45. *छिलके वाली दाल-सब्जियों से कोलेस्ट्रोल हमेशा घटता है ।*
46. *कोलेस्ट्रोल की बढ़ी* हुई स्थिति में इन्सुलिन खून में नहीं जा पाता है । ब्लड शुगर का सम्बन्ध ग्लूकोस के साथ नहीं, अपितु कोलेस्ट्रोल के साथ है ।
47. *मिर्गी दौरे* में अमोनिया या चूने की गंध सूँघानी चाहिए ।
48. *सिरदर्द* में एक चुटकी नौसादर व अदरक का रस रोगी को सुंघायें ।
49. *भोजन के पहले* मीठा खाने से बाद में खट्टा खाने से शुगर नहीं होता है ।
50. *भोजन* के आधे घंटे पहले सलाद खाएं, उसके बाद भोजन करें ।
51. *अवसाद* में आयरन , कैल्शियम , फास्फोरस की कमी हो जाती है । फास्फोरस गुड और अमरुद में अधिक है
52. *पीले केले* में आयरन कम और कैल्शियम अधिक होता है । हरे केले में कैल्शियम थोडा कम लेकिन फास्फोरस ज्यादा होता है तथा लाल केले में कैल्शियम कम आयरन ज्यादा होता है । हर हरी चीज में भरपूर फास्फोरस होती है, वही हरी चीज पकने के बाद पीली हो जाती है जिसमे कैल्शियम अधिक होता है ।
53. *छोटे केले* में बड़े केले से ज्यादा कैल्शियम होता है ।
54. *रसौली* की गलाने वाली सारी दवाएँ चूने से बनती हैं ।
55. हेपेटाइट्स A से E तक के लिए चूना बेहतर है ।
56. *एंटी टिटनेस* के लिए हाईपेरियम 200 की दो-दो बूंद 10-10 मिनट पर तीन बार दे ।
57. *ऐसी चोट* जिसमे खून जम गया हो उसके लिए नैट्रमसल्फ दो-दो बूंद 10-10 मिनट पर तीन बार दें । बच्चो को एक बूंद पानी में डालकर दें ।
58. *मोटे लोगों में कैल्शियम* की कमी होती है अतः त्रिफला दें । त्रिकूट (सोंठ+ कालीमिर्च+ मघा पीपली) भी दे सकते हैं ।
59. *अस्थमा में नारियल दें।* नारियल फल होते हुए भी क्षारीय है ।दालचीनी + गुड + नारियल दें ।
60. *चूना* बालों को मजबूत करता है तथा आँखों की रोशनी बढाता है ।
61. *दूध* का सर्फेस टेंशन कम होने से त्वचा का कचरा बाहर निकाल देता है ।
62. *गाय का घी सबसे अधिक पित्तनाशक फिर कफ व वायुनाशक है ।*
63. *जिस भोजन* में सूर्य का प्रकाश व हवा का स्पर्श ना हो उसे नहीं खाना चाहिए।
64. *गौ-मूत्र अर्क आँखों में ना डालें ।*
65. *गाय के दूध* में घी मिलाकर देने से कफ की संभावना कम होती है लेकिन चीनी मिलाकर देने से कफ बढ़ता है ।
66. *मासिक के दौरान* वायु बढ़ जाता है , 3-4 दिन स्त्रियों को उल्टा सोना चाहिए इससे गर्भाशय फैलने का खतरा नहीं रहता है । दर्द की स्थति में गर्म पानी में देशी घी दो चम्मच डालकर पियें ।
67. *रात* में आलू खाने से वजन बढ़ता है ।
68. *भोजन के* बाद वज्रासन में बैठने से *वात* नियंत्रित होता है ।
69. *भोजन* के बाद कंघी करें। कंघी करते समय आपके बालों में कंघी के दांत चुभने चाहिए । बाल जल्द सफ़ेद नहीं होगे ।
70. *अजवाईन* अपान वायु को बढ़ा देता है, जिससे पेट की समस्यायें कम होती है
71. *अगर पेट* में मल बंध गया है तो अदरक का रस या सोंठ का प्रयोग करें।
72. *कब्ज* होने की अवस्था में सुबह पानी पीकर कुछ देर एडियों के बल चलना चाहिए ।
73. *रास्ता चलने*, श्रम कार्य के बाद थकने पर या धातु गर्म होने पर दायीं करवट लेटना चाहिए ।
74. *जो दिन मे दायीं करवट पर सोता है तथा रात्रि में बायीं करवट पर सोता है उसे थकान व शारीरिक पीड़ा कम होती है।*
75. *बिना कैल्शियम* की उपस्थिति के कोई भी विटामिन व पोषक तत्व पूर्ण कार्य नहीं करते है ।
76. *स्वस्थ व्यक्ति* सिर्फ 5 मिनट शौच में लगाता है ।
77. *भोजन* करते समय डकार आपके भोजन को पूर्ण और हाजमे को संतुष्टि का संकेत है ।
78. *सुबह के नाश्ते* में फल , *दोपहर को दही* व *रात्रि को दूध* का सेवन करना चाहिए ।
79. *रात्रि* को कभी भी अधिक प्रोटीन वाली वस्तुयें नहीं खानी चाहिए । जैसे - दाल , पनीर , राजमा , लोबिया आदि ।
80. *शौच और भोजन* के समय मुंह बंद रखें , भोजन के समय टी वी ना देखें ।
81. *मासिक चक्र* के दौरान स्त्री को ठंडे पानी से स्नान, व आग से दूर रहना चाहिए ।
82. *जो बीमारी जितनी देर से आती है, वह उतनी देर से जाती भी है ।*
83. *जो बीमारी अंदर से आती है, उसका समाधान भी अंदर से ही होना चाहिए।*
84. *एलोपैथी* ने एक ही चीज दी है , दर्द से राहत । आज एलोपैथी की दवाओं के कारण ही लोगों की किडनी, लीवर , आतें , हृदय ख़राब हो रहे हैं । एलोपैथी एक बिमारी खत्म करती है तो दस बिमारी देकर भी जाती है ।
85. *खाने* की वस्तु में कभी भी ऊपर से नमक नहीं डालना चाहिए, ब्लड-प्रेशर बढ़ता है ।
86 . *रंगों द्वारा* चिकित्सा करने के लिए इंद्रधनुष को समझ लें , पहले जामुनी , फिर नीला ... अंत में लाल रंग ।
87 . *छोटे* बच्चों को सबसे अधिक सोना चाहिए , क्योंकि उनमें वह कफ प्रवृत्ति होती है , स्त्री को भी पुरुष से अधिक विश्राम करना चाहिए।
88. *जो सूर्य निकलने* के बाद उठते हैं , उन्हें पेट की भयंकर बीमारियां होती है , क्योंकि बड़ी आँत मल को चूसने लगती है ।
89. *बिना शरीर की गंदगी* निकाले स्वस्थ शरीर की कल्पना निरर्थक है , मल-मूत्र से 5% , कार्बन डाई ऑक्साइड छोड़ने से 22 %, तथा पसीना निकलने से लगभग 70 % विजातीय तत्व शरीर से निकलते हैं ।
90. *चिंता , क्रोध , ईर्ष्या करने से गलत हार्मोन्स का निर्माण होता है जिससे कब्ज , बवासीर , अजीर्ण , अपच , रक्तचाप , थायरायड की समस्या उत्पन् होती है ।*
91. *गर्मियों में बेल , गुलकंद , तरबूजा , खरबूजा व सर्दियों में सफ़ेद मूसली , सोंठ का प्रयोग करें ।*
92. *प्रसव* के बाद माँ का पीला दूध बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता को 10 गुना बढ़ा देता है । यदि यह मिलता है तो बच्चो को टीके लगाने की आवश्यकता नहीं होती है ।
93. *रात को सोते समय* सर्दियों में देशी मधु लगाकर सोयें, त्वचा में निखार आएगा।
94. *दुनिया में कोई चीज व्यर्थ नहीं , हमें उपयोग करना आना चाहिए*।
95. *जो अपने दुखों* को दूर करके दूसरों के भी दुःखों को दूर करता है , वही मोक्ष का अधिकारी है ।
96. *सोने से* आधे घंटे पूर्व जल का सेवन करने से वायु नियंत्रित होती है, लकवा, हार्ट-अटैक का खतरा कम होता है ।
97. *स्नान से पूर्व और भोजन के बाद पेशाब जाने से रक्तचाप नियंत्रित होता है*।
98 . *तेज धूप* में चलने के बाद, शारीरिक श्रम करने के बाद, शौच से आने के तुरंत बाद जल का सेवन निषिद्ध है।
99. *त्रिफला अमृत है* जिससे *वात, पित्त, कफ* तीनो शांत होते हैं। इसके अतिरिक्त भोजन के बाद पान व चूना।
100. इस विश्व की सबसे मँहगी *दवा "लार"* है, जो प्रकृति ने तुम्हें अनमोल दी है, इसे तंबाकू, पान पराग के साथ व्यर्थ ना करें ।

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